चक्रधर समारोह

चक्रधर समारोहtwitter logotwitter logofacebook logo twitter logo

शताब्दी दर शताब्दी बीतती जाती है तब जाकर किसी एक शताब्दी की कोख से पैदा होता है कोई कालजयी सांगीतिक व्यक्तित्व! संगीतमर्मज्ञ महाराजा चक्रधर सिंह ऐसे ही विशिष्ट सांगीतिक व्यक्त्वि के धनी और कलापारखी नरेश थे।

यह चक्रधर समारोह इन्ही कलामर्मज्ञ महाराजा चक्रधर सिंह को पूरे देश की साँझी कलाकार बिरादरी का सांगीतिक और साहित्यिक नमन है।

महाराजा चक्रधर सिंह के राजघराने की पीढ़ी में राजा भूपदेव सिंह के द्वितीय पुत्र गोंडवंष के आदिवासी राजा चक्रधर सिंह का जन्म भाद्र पद संवत् 1962 को हुआ..अधिक जानकारी

आयोजन स्थल

रामलीला मैदान, रायगढ़, छ.ग

आयोजन दिनांक

13-सितंबर-2018 से 22-सितंबर-2018

आमंत्रण

‘चक्रधर समारोह’ महाराजा चक्रधर सिंह के सांगीतिक व्यक्तित्व का स्पंदित रूपांकन है. गायन-वादन और नृत्य के शीर्षस्थ कलाकारों से लेकर नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली फ़नकार इस समारोह में शिरकत करते रहे हैं. पद्मभूषण छन्नूलाल मिश्रा जी, पद्मश्री भजन सोपोरी जी, पद्मश्री प्रताप पवार जी, पद्मविभूषण बेगम परवीन सुल्ताना जी, पद्मश्री वारसी बंधु, पद्मश्री कुमकुम मोहंती, पद्मश्री देवधारा ओडिसी, महालक्ष्मी अय्यर एवं रूपकुमार व सुनाली राठौड़ जी इस वर्ष के विशेष आमंत्रित कलाकार हैं. शास्त्रीयता के आग्रह के साथ लोकरुचि के कार्यक्रम शामिल किए जाने से यह समारोह गंभीर श्रोता-दर्शकों के साथ, आमजनों का भी अपना आयोजन बन चुका है. शास्त्रीयता, लोकरंग और महाराजा चक्रधर सिंह के प्रिय खेल कबड्डी तथा कुश्ती के संयोजन के साथ चक्रधर समारोह, प्रदेश का विशिष्ट एवं प्रतिष्ठापूर्ण सांस्कृतिक आयोजन है. सुर-ताल, छंद और घुंघरू की यह सुरीली परंपरा रचनात्मक संयोजन के साथ निरंतर जारी है. इस दस दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में आप सभी कला-प्रेमियों को, मैं सहृदय आमंत्रित करती हूँ.

श्रीमती शम्मी आबिदी, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, जिला रायगढ़
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती शम्मी आबिदी

कार्यक्रम समय सारणी

गुरुवार, 13.09.2018

  • उद्घाटन समारोह
  • गणेश वंदना:
    श्री वेदमणि सिंह ठाकुर, रायगढ़
  • कथक:
    विशाल कृष्णा, वाराणसी
  • गायन:
    महालक्ष्मी अय्यर, मुंबई

शुक्रवार, 14.09.2018

  • कथक:
    ट्रीना राय, कोलकाता
  • संतूर वादन:
    पद्मश्री भजन सोपोरी, श्रीनगर(जम्मू व् कश्मीर)
  • भरतनाट्यम:
    सुश्री पूर्णिमा अशोक, नई दिल्ली
  • कथक:
    सुश्री नेहा सिंह एवं कान्तिका मिश्रा, लखनऊ

शनिवार, 15.09.2018

  • ओड़िसी:
    मनोरंजन प्रधान, भुवनेश्वर
  • कथक:
    पद्मश्री प्रताप पवार, भोपाल
  • गायन:
    पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्रा, वाराणसी
  • कथक:
    प्रफुल्ल गहलोत, भोपाल
  • गज़ल:
    श्री राजेश सिंह एवं साथी

रविवार, 16.09.2018

  • कथक:
    नलिनी कमलिनी, दिल्ली
  • गायन:
    मंदाकिनी स्वाइन, नई दिल्ली
  • कथक:
    पीयुष एवं प्रीति, मुंबई
  • कव्वाली:
    पद्मश्री वारसी ब्रदर्स, हैदराबाद

सोमवार, 17.09.2018

  • एक भारत श्रेष्ठ भारत, गुजरात
  • नृत्य नाटिका:
    सुपर्वा मिश्रा, अहमदाबाद
  • नाटक:
    एनएसडी तथा श्री हिरा मानिकपुरी, रायपुर
  • नाटक:
    एनएसडी तथा हिमांशु द्विवेदी, ग्वालियर

मंगलवार, 18.09.2018

  • कथक:
    सारा पांडेय एवं जान्हवी खरे, बिलासपुर
  • गायन:
    कुमुद दीवान, दिल्ली
  • कथक:
    लुना पोद्दार, कोलकाता
  • ओड़िसी:
    पद्मश्री कुमकुम मोहंती, भुवनेश्वर
  • गज़ल:
    रूप कुमार एवं सुनाली राठौड़

बुधवार, 19.09.2018

  • ओड़िसी:
    नंदिनी गोयल, रायगढ़
  • कथक:
    सुश्री आयुषी दीक्षित, इंदौर
  • कथक(रायगढ़ घराना):
    सुश्री बासंती वैष्णव, बिलासपुर
  • कथक(रायगढ़ घराना):
    श्री भूपेंद्र बरेठ, बिलासपुर
  • कवि सम्मलेन:
    देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा

गुरुवार, 20.09.2018

  • पंथी:
    शेखर गिरी, रायगढ़
  • ओड़िसी:
    श्रुतिदास, रायगढ़
  • तबला:
    पूरन महाराज, वाराणसी
  • गायन:
    कलापिनी कोमकली, देवास
  • छत्तीसगढ़ी लोकरंग (अर्जुन्दा):
    श्री दीपक चंद्राकर

शुक्रवार, 21.09.2018

  • कथक:
    परामिता मोइत्रा, कोलकाता
  • पंडवानी:
    सुश्री रशनी वर्मा
  • कथक:
    परामिता मोइत्रा, कोलकाता
  • तबला:
    उस्ताद साबिर खान, कोलकाता
  • ओड़िसी:
    पद्मश्री देबधारा ग्रुप, दिल्ली

शनिवार, 22.09.2018

  • सितारवादन:
    प्रो. लवली शर्मा
  • ओड़िसी:
    अंकिता राउत, रायपुर
  • भरतनाट्यम:
    जी. कलाईवानी, दिल्ली
  • कथक:
    निधि प्रभु, मुंबई
  • सूफी गायन:
    अख्तर ब्रदर्स